Paheliyan  311se 320 tak

ले दांतों की बड़ी कतार, सिर पर नाचे काठ कहार, उसके बिना न रहती नारी, एक अचम्भा है यह भारी। उत्तर – कंघी

एक पहेली मैं बुझाऊ, सिर को काट नमक छिडकाऊं।। उत्तर – खीरा

एक बहादुर ऐसा वीर, गाना गाकर मारे तीर। उत्तर – मच्छर

काला घोड़ा, गोरी  सवारी, एक के बाद, एक की नारी। उत्तर – रोटी

राजा रानी सुनो कहानी, एक घोड़े में दो रंग का पानी। उत्तर – अण्डा

टेक लकड़ी चलता, तोड़ा  नमक कानून, एक मात्र सवार था, मुझ पर आजादी का जूनून। उत्तर – महात्मा गाँधी

छोटी जाती में पैदा हुआ, कहते हैं मुझको सभी बाबा, संविधान निर्माता हूँ, दिल्ली मेरा काशी। उत्तर – बाबा अम्बेडकर