Paheliyan  341 se 450 tak

थोड़ा जाय तो इस्स बोले, आधा जाय तो हाय रे बाप, पूरा जाय तो हंस कर गोरी, बोले मीठी-मीठी बात।। उत्तर – चूड़ी

लाल छड़ी मैदान खड़ी, साया साड़ी  हरी हरी। उत्तर – मिरचाई

लिख लोढ़ा  पढ़ पत्थर, कहलावे पंडित। उत्तर – कुम्हार

बड़ी न छोटी, मोती की बेटी। उत्तर – इन्दिरा गाँधी

फुले ना फले, टोकर भरी टूटे। उत्तर – धान

बाप रहल पेट में, पूत गेल गया। उत्तर – आग और धुआँ

सूखा में लड़बर, पानी में दौड़कर। उत्तर – नाव