Paheliyan  461 se 470 tak

एक में एक नहीं, रात हजार, रात भर चमके, काला बाजार। उत्तर – तारा

हजार लाख में रहे अँधेरा, मात्र एक में ही  उजाला। उत्तर – चाँद

चलती में चान चून, बद्री में रेखा, हाय रे प्राण तुझे, कभी न देखा।। उत्तर – इन्द्रधनुष

चार अंगुल पेड़, सवा मन पत्ता। फले बारी -बारी, पके एक बार।। उत्तर – कुम्हार का चाक

एक छोटा – सा बन्दर, जो उछले पानी के अन्दर। उत्तर – मेढ़क

ऐसा शब्द लिखिये जिसमे, फूल, मिठाई फल बन  जाये। उत्तर – गुलाब जामुन

मैं मरुँ मैं काटूं , तुम्हें क्यों आँसू आए। उत्तर – प्याज

उत्तर – प्याजतीन अक्षर का मेरा नाम , उल्टा सीधा एक समान। उत्तर – जहाज